राम जी की सेना चली Full Song Lyrics – Mp3 and Video Download

राम जी की सेना चली Full Song Lyrics with Ravindra Jain Bhajan

राम जी की सेना चली… इस गीत को सर्वप्रथम स्व.श्री रविन्द्र जैन जी के श्रीमुख से रामायण धारावाहिक में भजन के रूप में संपूर्ण भारतवर्ष ने सुना। इस गीत को संघ में पथ संचलन के समय भी कदम से कदम मिलाकर चलने हेतु गाया जाता है इसलिए इसे संचलन गीत भी कहा जाता हैं। आपके अभ्यास हेतु इस गीत के लिरिक्स एवं विडियों उपलब्ध कराने का छोटा सा प्रयास एवं किसी भी प्रकार की त्रुटी हेतु क्षमा प्रार्थी।

Ram Ji ki sena chali Songs Lyrics rssworldwide.com
Image 1: Ram Ji ki Sena Chali Ravindra Jain Bhajan

श्री राम जी की सेना चली गीत लिरिक्स

पापियों के नाश को ऽ.ऽ.ऽ धर्मं के प्रकाश को ऽ.ऽ.ऽ

पापियों के नाश को, धर्मं के प्रकाश को।
राम जी की सेना चली, रामजी की सेना चली।। श्री राम जी की सेना चली, राम जी की सेना चली…

हर हर महादेव, हर हर महादेव…

पाप अनाचार में, घोर अन्धकार में।
एक नई ज्योति जली, श्री रामजी की सेना चली।।ध्रु.।। श्री रामजी की सेना चली…

हर हर महादेव, हर हर महादेव…

निश्चिर हीन करेंगे धरती, यह प्राण है श्रीराम का।
जब तक काम न पूरा होगा, नाम नही विश्राम का।।
उसे मिटानें चलें कि जिसका, मंत्र वयम रक्षाम का।।
समय आ चला निकट राम, और रावण के संग्राम का।।

तीन लोक धन्य हैं ऽ.ऽ.ऽ देवता प्रस्सन्न हैं ऽ.ऽ.ऽ

तीन लोक धन्य हैं, देवता प्रस्सन्न हैं।
आज मनोकामना फली, श्री रामजी की सेना चली।। श्री रामजी की सेना चली…।।1।।

हर हर महादेव, हर हर महादेव…

रामचन्द्र जी के संग लक्ष्मण कर में लेकर बाण चले।
लिए विजय विश्वास ह्रदय में, संग वीर हनुमान चले।।
सेना संग सुग्रीव, नील, नल, अंगद छाती तान चले।।
उसे बचाए कौन कि जिसका, वध कराने भगवान चले।।

आगे रघुनाथ हैं ऽ.ऽ.ऽ वीर साथ साथ हैं ऽ.ऽ.ऽ

आगे रघुनाथ हैं, वीर साथ-साथ हैं।
एक से एक बलि, श्री रामजी की सेना चली।। श्री रामजी की सेना चली…।।2।।

हर हर महादेव, हर हर महादेव…

नोटः संघ में प्रायः उपरोक्त अन्तरों के पश्चात गीत समाप्त कर दिया जाता हैं।

प्रभु लंका पर डेरा डाले, जब महासागर पार हो।
कब हो सफल अभियान हमारा, कब सपना साकार हो।।
पाप अनीति मिटे धरती से, धर्मं की जाय-जाय कार हो।।
कब हो विजयी राम हमारे, कब रावण की हार हो।।

राम जी से आस है ऽ.ऽ.ऽ राम पे विश्वास है ऽ.ऽ.ऽ

राम जी से आस है, राम पर विश्वास है।
राम जी करेंगे भली, श्री रामजी की सेना चली।।श्री रामजी की सेना चली…।।3।।

हर हर महादेव, हर हर महादेव
जय भवानी, जय भवानी, जय भवानी (समाप्त…)

विशेष:-

  • यह गीत ज्ञान गंगा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित संघ गीत पुस्तिका के 18वें संस्करण के क्रम संख्या. 37 पृष्ठ क्रमांक. 42 पर अंकित है। गीत की लय के लिए गीत गंगा की वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते है।
  • संघ में होने वाले अनेक देश भक्ति गीत चन्दन है इस देश की माटी तपो भूमि हर ग्राम हैं व अन्य की जानकारी के लिए से RSS World Wide जुडे़ रहिए।

Ram Ji Sena Chali Song MP3 & Video Download Options

रविन्द्र जैन जी के द्वारा गाये गये रामायण धारावाहिक के अति सुन्दर भजन (Ravindra Jain Ramayan Songs) का विडियों आपकी सेवा में प्रस्तुत हैं। यहां आप इस विडियों को देख व सुन कर आनन्द प्राप्त कर सकते है तथा यूट्युब पर जाकर डाउनलोड भी कर सकते हैं।

वर्तमान समय में राम जी की सेना चली गीत के डीजे पर बजने वाले (Ram Ji ki sena chali dj song) एमपी3 व विडियों भी बहुत लोकप्रिय हो रहें हैं। कुछ व्यक्ति इस गीत का रिमिक्स साॅग भी बना कर डीजे पर बजाकर नृत्य करते हैं। ऐसा ही एक गीत आपके लिए उपलब्ध हैं।

RSS Chief Mohan Rao Bhagwat Sarsanghchalak जीवन परिचय

Mohan Rao Bhagwat (Brief Introduction of Current RSS Leader) – Biography

मोहन राव भागवत जो की वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख (RSS Leader) एवं छठे सरसंघचालक (6th RSS Chief) हैं, इनके जीवन की अभी तक की यात्रा का इस छोटे से लेख के माध्यम से वर्णन कर पाना अत्यन्त कठिन कार्य हैं। इस पोस्ट के माध्यम से श्री मोहन भागवत जी की शिक्षा, परिवार, प्रचारक जीवन एवं वर्तमान पर प्रकाश डालने का प्रयास हैं (Here is the brief introduction of RSS leader Mohan Rao Bhagwat):-

RSS Chief Mohan Rao Bhagwat Image

मोहन राव भागवत – जन्म दिनांक व स्थान (Date of Birth and Place of Birth)

मोहन राव भागवत जी का जन्म सन् 1950 में हुआ था तथा इनकी जन्म दिनांक 11 सितम्बर 1950 हैं।

इनका जन्म स्थान (Birth Place) चंद्रपुर, महाराष्ट्र हैं।

Full Name of Mohan Bhagwat (मोहन भागवत जी का पूरा नाम)

मोहन भागवत जी का पूरा नाम मोहन मधुकर भागवत हैं।

अनेक लोग इन्हें मोहन राव भागवत के नाम से जानते हैं। महाराष्ट्र की भाषा मराठी में राव का मतलब जी (उत्तर भारत का आदर सूचक शब्द) होता हैं।

वर्तमान में इनके पास संघ के सरसंघचालक का दायित्व होने के कारण स्वयंसेवक इनके नाम से पूर्व ‘परम पूजनीय’ लगाते हैं- परम पूजनीय मोहन राव भागवत

Mohan Bhagwat Surname and Caste

मोहन भागवत जन्म से स्वयं को सर्वप्रथम हिन्दू ही मानते है जाति को सिर्फ वर्ण व्यवस्था के रूप में मानते हैं। ये जातिगत भेदभाव के प्रबल विरोधी हैं।

फिर भी जानकारी हेतु मोहन जी का Surname भागवत हैं। भागवत गोत्र महाराष्ट्र की ब्राह्मण जाति का होता हैं। अतः इनकी जाति-वर्ण (Caste) ब्राह्मण हैं।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का परिवार (Family Information)

मोहन राव जी का परिवार (Family) संघ के प्रारम्भ से ही संघ से जुड़ गया था। इनके परिवार की 3 पीढ़ियां संघ से जुड़ी हुई हैं।

Mohan Bhagwat Family Picture - Wife and daughter

  • सबसे पहले भागवत जी के बाबा – श्री नानासाहेब संघ के संस्थापक आद्य सरसंघचालक केशव राव बलिराम हेड़गेवार से जुडे़।
  • मोहन जी की माता जी – श्रीमती मालती भागवत संघ के महिला संगठन इकाई राष्ट्रीय सेविका समिति की सदस्य रहीं।
  • इनके पिता – श्री मधुकर भागवत संघ के स्वयंसेवक थे।

Mohan Bhagwat Daughter and Wife

Mohan Bhagwat doesn’t have any Daughter and wife. He is unmarried. It means – NO Wife and No Daughter.

जब मोहन भागवत के परिवार की बात आती है तब कुछ नासमझ लोग इनकी पत्नि एवं पुत्री संबंधी बात करते है या अफवाह उड़ातेे है। ऐसे लोगों की जानकारी के लिए बताना उचित होगा की संघ के मुखिया भागवत संघ के प्रचारक है एवं संघ के प्रचारक बिना विवाह किये अपना जीवन संघ को समर्पित करते हैं। अर्थात् ये अविवाहित है इनके कोई पत्नि एवं पुत्री नहीं हैं।

Main Education of Mohan Rao Bhagwat

शिक्षा के क्षेत्र में श्री भागवत ने अपनी प्रारम्भिक एवं स्कूली शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात् पशु चिकित्सा में स्नातक की शिक्षा अध्ययन हेतु नागपुर के वेटेनरी काॅलेज में प्रवेश लिया।

Mohan Bhagwat Education

वेटेनरी काॅलेज, से नागपुर पशु चिकित्सा में ग्रेजुएशन पूर्ण होने के पश्चात् ही ये संघ के प्रचारक बने – लोग इन्हें डाॅ. मोहन भागवत के नाम से भी जानते व सम्बोधित करते हैं।

मोहन राव का प्रचार जीवन

श्री मोहन भागवत के प्रचारक जीवन व दायित्वों का संक्षिप्त विवरण निम्न प्रकार हैंः-

  • सन् 1975 में संघ के पूर्ण कालिक प्रचारक बने।
  • वर्ष 1977 में अकोला शहर (महाराष्ट्र) मे प्रचारक रहे।
  • सन् 1978 में नागपुर और विदर्भ क्षेत्र में संघ के प्रचार के नाते कार्य किया।
  • वर्ष 1991 से 1999 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख रहे।
  • सन् 2000 में संघ की चुनाव विधि द्वारा सरकार्यवाह (महासचिव) चुने गये।
  • वर्ष 2009 में कु.सी.सुदर्शन जी ने अस्वस्थता के कारण दायित्व त्यागा तब उनके स्थान पर मोहन भागवत संघ प्रमुख (सरसंघचालक) के दायित्व पर नियुक्त हुए।

RSS Sarsanghchalak Mohan Bhagwat Security

मोहन जी भागवत को व्यक्तिगत रूप से किसी प्रकार की सुरक्षा की आवश्यकता नहीं हैं, परन्तु विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन के सरसंघचालक (संघ परिवार के मुखिया) होने के नाते सरकार द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से जेड प्लस सुरक्षा (Z+ security) प्रदान की गई हैं। इस सुरक्षा व्यवस्था में हुए व्यय को संभवतः संघ स्वयं ही वहन करता हैं।

RSS Mohan Bhagwat Official Address

परम पूजनीय सरसंघचालक मोहन राव भागवत का केन्द्रीय कार्यालय का पता:- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय, नागपुर, महाराष्ट्र हैं।

Mohan Bhagwat Twitter, Facebook and Other Social Accounts

सादगी पूर्वक जीवन व्यतीत करने वाले मोहन राव भागवत का लेख लिखने तक किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक (Facebook), ट्वीटर (Twitter) आदि (वेबसाईट्स) पर अकाउन्ट नहीं हैं।

इनके द्वारा प्रेषित सूचना संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख के माध्यम से प्रसारित होती हैं। तथा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से संघ की आॅफिशियल वेब साईट पर अपलोड होती हैं।

आज भी डाक के माध्यम से प्राप्त पत्रों का उत्तर स्वयं देने का प्रयास करते हैं।

RSS Chief Mohan Bhagwat Speech Video

संघ के विभिन्न कार्यक्रमों एवं उत्सवों पर, विश्व हिन्दू परिषद जैसे संघ के अनुसांघिक संगठनों के कार्यक्रमों एवं विभिन्न सामाजिक आयोजनों पर भागवत जी के होने वाले भाषण के चलचित्र (video) संघ के प्रचार विभाग द्वारा संघ की वेब साईट पर शेयर किये जाते हैं। संघ प्रमुख भागवत जी के विजय दशमी पर होने वाला भाषण तथा विभिन्न वक्तव्यों को हम भी हमारी वेबसाईट पर शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

अभी के लिए 11 अक्टुबर 2016 को विजया दशमी पर दिया गये RSS Chief Mohan Rao Bhagwat के उद्बोधन (vijayadashami speech) का वीडियो आपके लिए प्रस्तुत हैं।

holi geet

ये शहीदों की जयहिन्द बोली, ऐसी वैसी ये बोली नहीं है
इनके माथें पे खून का टीका, देखो देखो ये रोली नहीं है ||ध्रु ||
सर कटाऊँ जवानों को लेकर, चल पड़े वह हमीरा के आगे
हम है संतान राणा शिवा की, कायरों की ये टोली नहीं है।।1।।
चल दिया जब जवाँ हँसते-हँसते, माँ की ममता तड़प् करके बोली,
आओ सो जाओ लाल मेरी गोद में, अब तेरे पास गोली नहीं है।।2।।
अब विदा जाने वाले शहीदों, खून की सुर्ख पगड़ी पहनकर,
खून की आज बौछार देखी, आज रंगों की होली नहीं है ।।3।।
संघ पर आंख दिखाने वाले, भस्म हो जायेंगे सारे दुश्मन,
ये भला है कि अब तक हमने, तीसरी आँख खोली नहीं हैं।।