दीपावली क्यों मनाई जाती है ! दिवाली के पांच दिनों के त्यौहार का महत्व

दिवाली का त्यौहार

दिवाली या दीपावली अंधकार पर प्रकाश की विजय, बुराई पर अच्छाई की विजय का एक धार्मिक त्यौहार है जो कि भारत वर्ष के अलावा अन्य देशों में भी मनाया जाता है। दिवाली के दिन सम्पूर्ण भारत वर्ष में सारे घरों में दिए जलाये एवं प्रकाश किया जाता है। यह भी माना जाता है कि इस दिन अपने करीबी रिश्तेदारों और प्रियजनों को उपहार दिए बिना और पूजा के बिना दिवाली का त्यौहार अधूरा है। दीपावली कि संध्या पर लोग पूजा करते हैं, नए कपडे पहनते हैं एवं आतिशबाज़ी का आनंद लेते हैं। यह त्यौहार वर्ष के सबसे सुन्दर और आनंददायक समय में से एक है। इस दिन पूरे भारत में राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाता है ताकि समस्त देश वासी अपने अभिन्न मित्रों एवं परिवार के साथ आनंद ले सकें।

Diwali Calendar 2018 Image

दिवाली क्यों मनाई जाती है?

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, दीपावली मनाने के कई कारण हैं जैसे कि लोगों का ये मानना है कि जो वह इस त्यौहार पर करेंगे वही पूरे वर्ष करेंगे। इसीलिए धनतेरस पर खरीददारी की जाती है, लोग दोस्ती करते हैं, मिठाइयां बांटते है, घर को साफ़ करते हैं एवं सजाते हैं इत्यादि। जो शिक्षक हैं वे नियमित कक्षाएं लेते हैं और विद्यार्थी अधिक से अधिक अध्ययन करते हैं, और जो व्यवसायी हैं वे अपने खातों को ठीक कर लेते हैं।

हिन्दू पुराणों के अनुसार दीपावली मनाने के कई ऐतिहासिक कारण भी हैं जो की निम्नलिखित हैं:-

ऋषि वाल्मीकि द्वारा रचित महाकाव्य रामायण के अनुसार, दीपावली के ही दिन भगवान् श्री राम वर्षों का वनवास पूर्ण करने के पश्चात एवं रावण का वध करने के बाद अपनी पत्नी सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ अपने नगर अयोध्या पहुंचे थे और इसी कारण अयोध्या निवासियों ने पूरे नगर को प्रकाशमान किया था और आतिशबाजी की और तभी से दीपावली का त्यौहार मनाये जाने लगा।

ऐसा माना जाता है की पौराणिक समय में जब असुरों और देवताओं ने समुद्र मंथन किया था तब देवी लक्ष्मी क्षीर सागर में से कार्तिक मास की पूर्णिमा को ब्रम्हांड में अवतरित हुई थी और इसी कारण से माता लक्ष्मी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में दीपावली का त्यौहार मनाया जाने लगा।

एक और पौराणिक कथा के अनुसार एक बहुत ही बलशाली राजा बाली था जो समस्त लोकों पर आधिपत्य जमाना चाहता था। उसे स्वयं भगवान विष्णु से कई शक्तियों का वरदान प्राप्त था। पूरी धरती पर दरिद्रता थी क्योंकि सम्पूर्ण धन पर राजा बाली का नियंत्रण था। तब स्वयं भगवान विष्णु ने देवी लक्ष्मी को उसके बंधन से छुड़ाया था और भगवान के बनाये नए नियमों की पालना करने के लिए तीनो लोकों को बचाया था और तभी से इस दिन को बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में मनाया जाता है।

एक और पौराणिक कथा के अनुसार, एक बहुत ही महान और बुद्धिमान राजा विक्रमादित्य थे जो कि काफी साहसी और पराक्रमी राजा थे। उनके राज्य के नागरिकों ने काफी भव्यता के साथ उनका राज्याभिषेक किया और उनके राजा बनने कि घोषणा कर दी और इसी दिन को दीपावली के रूप में मनाया जाता है।

दीपावली के 5 दिनों के त्योहारों का महत्व इस प्रकार है:-

  • दीपावली के पहले दिवस को धनतेरस कहा जाता है जिसका अर्थ है घर में धन और समृद्धि की वृद्धि होना। लोग सोने और चांदी के सिक्के, बर्तन,और अन्य वस्तुऍ इस विश्वास के साथ खरीद कर अपने घर लाते है कि घर में धन बढे।
  • दिवाली के दूसरे दिन को नरक चतुर्दशी के नाम से पहचाना जाता है , जो इस विश्वास के साथ मनाया जाता है कि भगवान कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर का वध किया गया था।
  • दिवाली के तीसरे दिवस को मुख्य दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन माँ लक्ष्मी की पूजा पूरे विश्वास और उल्लास के साथ की जाती है और उनके भक्तो की सारी इच्छाएं इस दिन पूर्ण होती है
  • दिवाली के चौथे दिवस को बली प्रदा के नाम से जाना जाता है जो भगवान विष्णु की किवदंती से सम्बऩ्धित है जिन्होंने वामन का रूप धारण करने के पश्चात राक्षस राजा बलि को हराया था। बलि बहुत महान राजा था परन्तु पृथ्वी पर शासन करते हुये वह बहुत ज्यादा लालची बन गया था क्योंकि उसे भगवान विष्णु ने असीमित शक्तियों का वरदान दिया था। गोर्वधन पूजा इस विश्वास के साथ भी मनाई जाती है कि भगवान कृष्ण ने असाधारण काम करके इन्द्र के गर्व को तोडा था।
  • दिवाली के पांचवे दिवस को यम द्वितीया या भाई दूज के नाम से भी पहचाना जाता है जो मृत्यु के देवता “यम” और उनकी बहन यामी के प्यार भरे रिश्ते के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि आज ही के दिन राजा यम अपनी बहन से मिलने आए थे और उन्होंने साथ में खाना भी खाया था। लोग इस दिन को बहन और भ्राता के एक दूसरे के प्रति स्नेह और प्रेम के रूप में मनाते है।

गायत्री मंत्र Lyrics Mp3 Download, हिन्दी अर्थ – विस्तृत लेख

माँ गायत्री मंत्र लिरिक्स (ॐ भूर्भुवः स्वः) संस्कृत/हिन्दी में

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं ।
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

Gayatri Mantra in Hindi images

श्री गायत्री मंत्र का शब्दानुसार अर्थ (Words Translation in Hindi)

संस्कृत मंत्र का शब्दशः हिन्दी अनुवाद निम्न प्रकार हैंः-

ॐ = ओमकार (प्रणव)
भूर = मनुष्यों को प्राण (जीवन) देने वाला
भुवः = दुखों का अंत (नाश) करने वाला
स्वः = सुख (खुशी/आनन्द/प्रसन्नता) प्रदाण करने वाला
तत = वह
सवितुर = सूर्य की जैसे उज्जवल
वरेण्यं= सभी से उत्तम
भर्गो- = कर्मों का उद्धार करने वाला
देवस्य- = प्रभु (ईश्वर)
धीमहि- = आत्म चिंतन (ध्यान/मेडिटेशन) के योग्य
धियो = बुद्धि
यो = जो
नः = हमारी
प्रचो- शक्ति
दयात् = हमें प्रदान करें (प्रार्थना)

भावार्थ – ॐ उस प्राणस्वरूप, दुःखों का नाश करने वाले, सुख के स्वरूप, सर्वश्रेष्ठ, सूर्य के समान तेजवान, पापों का नाश करने वाले, ईश्वर के रूप परमात्मा को हम अपनी अन्तरात्मा (आत्म चिन्तन) में धारण करें। वह प्रभु (परमात्मा) हमारी बुद्धि को अच्छे मार्ग (सतमार्ग) पर चलने की शक्ति प्रदान करें।

Gayatri Mantra Song (108 Times) Mp3, Audio, Video Download

आप सभी ने विभिन्न गीतकारों के द्वारा गाये गायत्री मंत्र को सुना होगा। यहाँ हम तीन प्रमुख कलाकारों के एमपी3 यूट्युब विडियों की जानकारी दे रहें हैं।

      सुरेश वाडकर
      अनुराधा पौडवाल
      शंकर महादेवन

आशा हैं आपको तीनों संगीतकारों के ओडियों पसन्द आयेगें।

सुरेश वाडकर द्वारा गायत्रीमाला एलबम 2005 में रिलिज 108 गायत्री मंत्र गीत प्रस्तुत हैः-

अनुराधा पौडवाल द्वारा “दीनांची आई रेणुका” एलबम 2004 में रिलिज 108 गायत्री मंत्र Youtube ऑडियो प्रस्तुत हैः-

शंकर महादेवन द्वारा सन् 2006 में प्रसारित ‘‘मंत्र शक्ति ।।’’ एलबम में गाये गायत्री मंत्र गीत का यूट्युब विडियों प्रस्तुत हैः-

  • गायत्री मंत्र की रिंगटोन हेतु आप एपी3 डाउनलोड़ कर सकते हैं एवं डायलटोन हेतु अपने नेटवर्क सर्विस प्रोवाईडर से अथवा उनकी कम्पनी की ऐप से सर्विस प्राप्त कर सकते हैं।

गायत्री मंत्र की रचना का इतिहास या स्त्रोत

पहली बार इस शक्तिशाली मंत्र को सुनने पर अथवा इस मंत्र के विषय में चर्चा होने पर स्वाभाविक ही किसी भी मनुष्य के मन में कुछ प्रश्न उत्पन्न होते होगें। जैसेः-

  • गायत्री मंत्र की रचना किसने की?
  • कौनसे वेद में गायत्री मंत्र का उल्लेख हैं?
  • मंत्र का उच्चारण कितनी बार करना चाहिए?
  • इस मंत्र का जाप कितनी बार करने से लाभ होता हैं? आदि

benefits of chanting Gayatri Mantra om bhur bhuva swaha 108 times

विकिपीडिया में विभिन्न विद्धानों द्वारा उपलब्ध करायी गयी जानकारी के अनुसार, गायत्री मंत्र की रचना यजुर्वेद एवं ऋग्वेद के मेल से हुई मानी जाती हैं। यजुर्वेद से इस मंत्र का प्राम्भिक भाग ‘ऊँ भूर्भवः स्वः’ लिया गया है तथा शेष भाग ऋग्वेद के छन्द संख्या 3.62.10 से लिया गया हैं। इस मत्र का संबंध हिन्दू देवी गायत्री से माना जाता हैं। वैसे तो मंत्र का जाप कभी भी कर सकते है परन्तु स्नान के पश्चात् पूजा कक्ष में सुखासन में बैठकर 108 बार अथवा 3 माला का जाप अति फलदायी होता हैं।

आप हमारी वेब साईट से सूर्य नमस्कार हिन्दी लिरिक्स एवं सूर्यनमस्कार से होने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

राम जी की सेना चली Full Song Lyrics – Mp3 and Video Download

राम जी की सेना चली Full Song Lyrics with Ravindra Jain Bhajan

राम जी की सेना चली… इस गीत को सर्वप्रथम स्व.श्री रविन्द्र जैन जी के श्रीमुख से रामायण धारावाहिक में भजन के रूप में संपूर्ण भारतवर्ष ने सुना। इस गीत को संघ में पथ संचलन के समय भी कदम से कदम मिलाकर चलने हेतु गाया जाता है इसलिए इसे संचलन गीत भी कहा जाता हैं। आपके अभ्यास हेतु इस गीत के लिरिक्स एवं विडियों उपलब्ध कराने का छोटा सा प्रयास एवं किसी भी प्रकार की त्रुटी हेतु क्षमा प्रार्थी।

Ram Ji ki sena chali Songs Lyrics rssworldwide.com
Image 1: Ram Ji ki Sena Chali Ravindra Jain Bhajan

श्री राम जी की सेना चली गीत लिरिक्स

पापियों के नाश को ऽ.ऽ.ऽ धर्मं के प्रकाश को ऽ.ऽ.ऽ

पापियों के नाश को, धर्मं के प्रकाश को।
राम जी की सेना चली, रामजी की सेना चली।। श्री राम जी की सेना चली, राम जी की सेना चली…

हर हर महादेव, हर हर महादेव…

पाप अनाचार में, घोर अन्धकार में।
एक नई ज्योति जली, श्री रामजी की सेना चली।।ध्रु.।। श्री रामजी की सेना चली…

हर हर महादेव, हर हर महादेव…

निश्चिर हीन करेंगे धरती, यह प्राण है श्रीराम का।
जब तक काम न पूरा होगा, नाम नही विश्राम का।।
उसे मिटानें चलें कि जिसका, मंत्र वयम रक्षाम का।।
समय आ चला निकट राम, और रावण के संग्राम का।।

तीन लोक धन्य हैं ऽ.ऽ.ऽ देवता प्रस्सन्न हैं ऽ.ऽ.ऽ

तीन लोक धन्य हैं, देवता प्रस्सन्न हैं।
आज मनोकामना फली, श्री रामजी की सेना चली।। श्री रामजी की सेना चली…।।1।।

हर हर महादेव, हर हर महादेव…

रामचन्द्र जी के संग लक्ष्मण कर में लेकर बाण चले।
लिए विजय विश्वास ह्रदय में, संग वीर हनुमान चले।।
सेना संग सुग्रीव, नील, नल, अंगद छाती तान चले।।
उसे बचाए कौन कि जिसका, वध कराने भगवान चले।।

आगे रघुनाथ हैं ऽ.ऽ.ऽ वीर साथ साथ हैं ऽ.ऽ.ऽ

आगे रघुनाथ हैं, वीर साथ-साथ हैं।
एक से एक बलि, श्री रामजी की सेना चली।। श्री रामजी की सेना चली…।।2।।

हर हर महादेव, हर हर महादेव…

नोटः संघ में प्रायः उपरोक्त अन्तरों के पश्चात गीत समाप्त कर दिया जाता हैं।

प्रभु लंका पर डेरा डाले, जब महासागर पार हो।
कब हो सफल अभियान हमारा, कब सपना साकार हो।।
पाप अनीति मिटे धरती से, धर्मं की जाय-जाय कार हो।।
कब हो विजयी राम हमारे, कब रावण की हार हो।।

राम जी से आस है ऽ.ऽ.ऽ राम पे विश्वास है ऽ.ऽ.ऽ

राम जी से आस है, राम पर विश्वास है।
राम जी करेंगे भली, श्री रामजी की सेना चली।।श्री रामजी की सेना चली…।।3।।

हर हर महादेव, हर हर महादेव
जय भवानी, जय भवानी, जय भवानी (समाप्त…)

विशेष:-

  • यह गीत ज्ञान गंगा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित संघ गीत पुस्तिका के 18वें संस्करण के क्रम संख्या. 37 पृष्ठ क्रमांक. 42 पर अंकित है। गीत की लय के लिए गीत गंगा की वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते है।
  • संघ में होने वाले अनेक देश भक्ति गीत चन्दन है इस देश की माटी तपो भूमि हर ग्राम हैं व अन्य की जानकारी के लिए से RSS World Wide जुडे़ रहिए।

Ram Ji Sena Chali Song MP3 & Video Download Options

रविन्द्र जैन जी के द्वारा गाये गये रामायण धारावाहिक के अति सुन्दर भजन (Ravindra Jain Ramayan Songs) का विडियों आपकी सेवा में प्रस्तुत हैं। यहां आप इस विडियों को देख व सुन कर आनन्द प्राप्त कर सकते है तथा यूट्युब पर जाकर डाउनलोड भी कर सकते हैं।

वर्तमान समय में राम जी की सेना चली गीत के डीजे पर बजने वाले (Ram Ji ki sena chali dj song) एमपी3 व विडियों भी बहुत लोकप्रिय हो रहें हैं। कुछ व्यक्ति इस गीत का रिमिक्स साॅग भी बना कर डीजे पर बजाकर नृत्य करते हैं। ऐसा ही एक गीत आपके लिए उपलब्ध हैं।