RSS Ki Pratigya in Hindi- सर्वशक्तिमान श्री परमेश्वर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिज्ञा – Pratigya History

 

1925 में संघ का कार्य प्रारम्भ होने के बाद प्रतिज्ञा को कार्य पद्धति में जोड़ा गया।

 

आजादी से पहले की प्रतिज्ञा संघ की वर्तमान प्रतिज्ञा से भिन्न हैं।

Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) Pratigya

संघ की वर्तमान प्रतिज्ञा का स्वरुप निम्न प्रकार है:-

 

“सर्वशक्तिमान श्री परमेश्वर…तथा अपने पूर्वजों का स्मरण कर…मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि अपने पवित्र हिंदू धर्म… हिंदू संस्कृति… तथा हिंदू समाज का संरक्षण कर… हिंदू राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति करने के लिए… मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घटक बना हूं… संघ का कार्य… मैं प्रमाणिकता से… निस्वार्थ बुद्धि से… तथा तन मन धन पूर्वक करूंगा… और इस व्रत का मैं… आजन्म पालन करूंगा… भारत माता की जय”

 

संघ प्रतिज्ञा पर बौद्धिक हेतु कुछ विशेष बिंदु

 

  • श्रीराम को भगवान बनाने में उनके माता-पिता के बजाय प्रतिज्ञा का योगदान। (श्री राम द्वारा की गई प्रतिज्ञा- निशिचर हीन…..)।
  • अच्छे कार्य करते समय प्रतिज्ञा सम्बल बनती हैं। भीष्म, प्रताप, शिवाजी, भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद और सुभाष चन्द्र बोस प्रतिज्ञा से प्राप्त सम्बल के कारण ही अपने उद्देश्य को प्राप्त कर पाये।
  • हम प्रतिज्ञा का प्रारम्भ सर्वशक्तिमान श्री परमेश्वर से करते हैं। प्रतिज्ञा में हम अपने पूर्वजों का स्मरण भी करते हैं।
  • प्रतिज्ञा व्यक्तिगत संकल्प हैं। यह केवल कण्ठस्थ ही नहीं हृदयस्थ भी हों।
  • प्रतिज्ञा मैं हम हिन्दू धर्म, हिन्दू संस्कृति तथा हिन्दू समाज के संरक्षण का व्रत लेते हैं न कि रक्षा का। (गाय द्वारा छोटे बच्चे के संरक्षण का उदाहरण)
  • हिन्दू राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति की प्रतिज्ञा। यह सर्वांगीण उन्नति ‘‘सर्वे भवन्तु सुखिनः….’’ के भाव से ही होगी।

 

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  • संघ का कार्य प्रमाणिकता से करूगाँ, प्रमाणिकता का अर्थ हैं जो कहे वहीं करें।
  • मैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घटक बना हूँ ना की सदस्य (शिकंजी का उदाहरण)
  • संघ का कार्य निःस्वार्थ बुद्धि से करूँगा। – स्वयंसेवक के मन में किसी प्रकार का लोभ नहीं आना चाहिए। (हनुमान जी का उदाहरण)
  • संघ का कार्य तन-मन-धन पूर्वक करूगाँ। इसमें सर्वस्व समर्पण का भाव निहित हैं।
  • संघ का कार्य आजन्म करूगाँ न कि आजीवन। (रामप्रसाद बिस्मिल का उदाहरण)।
  • हमारे द्वारा की गई प्रतिज्ञा की फलश्रुति भारत माता की जय से होगी।

 

Vishva Hindu Parishad – VHP World Wide

VHP

विश्व हिन्दू परिषद के उद्भव की प्रासांगिकता

विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना का निर्णय सन् 1964 में, 29 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ दिवस पर, मुम्बई में स्थित स्वामी चिन्मयानंद के संदीपनी आश्रम में धर्माचार्यों की बैठक में लिया गया।

Vishva Hindu Parishad -VHP

हिन्दू समाज में व्याप्त आंतरिक और बाह्य चुनौतियों के सन्दर्भ में धर्मशास्त्रों की पुनः उचित प्रकार से व्याख्या एवं प्रथाओं का पुनर्निरीक्षण कर उचित प्रकार से युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करने की आवश्यकता थी। इस कार्य के लिए विभिन्न सम्प्रदायों एवं मठों के धर्माचार्यों को एक साथ एक मंच पर लाकर उनके माध्यम से धर्म और संस्कृति के क्षेत्र में मार्गदशन उपलब्ध कराना आवश्यक था।

इस अत्यन्त कठिन कार्य को सफल बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका संघ के द्वितीय सरसंघचालक प.पू. श्री गुरूजी की रही।

विश्व हिन्दू परिषद का पंजीयन एक्ट 1860’ के तहत 08 जुलाई, 1966 को दिल्ली के हुआ। विहिप संस्था की पंजीकरण संख्या ‘एस 3106’ हैं।

उडृपी में सन् 1969 में हुए विश्व हिन्दू परिषद के सम्मेलन में उपस्थित धर्माचार्यों एवं जगतगुरूओं ने ‘हिन्दवः सोदराः सर्वे’ (सभी हिन्दू भाई है) ‘न हिन्दू पतितो भवेत्’ (हिन्दू कभी पतित नहीं होता) ‘मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मंत्रः समानता’ ऐसा सामाजिक समरसता का क्रान्तिकारी मंत्र दिया।

 

World Hindu Conference – WHC – 1 – 2 and 3

  1. विश्व हिन्दू परिषद का प्रथम विश्व हिन्दू सम्मेलन सन 1966 में प्रयाग में हुआ।
  2. द्वितीय सम्मेलन 1979 में प्रयाग में हुआ। इस सम्मेलन में आर्यसमाजियों, शैवों, वैष्णवों, जैनों, सिखों, बौध, लिंगायतों एवं अन्य सभी मत पंथों और सम्प्रदायों के धर्माचार्यों ने अस्पृश्यता समाप्त करने का सर्वसम्मत संकल्प किया।
  3. तृतीय विश्व हिन्दू सम्मेलन 11 से 13 फरवरी 2007 को प्रयाग, उत्तर प्रदेश में सम्मपन्न हुआ।

 

Vishva Hindu Parishad and Bajrang Dal – VHP Youth Wing

विश्व हिन्दू परिषद का पृथक वीरतापूर्ण साहसिक कार्यों को करन की दृष्टि से युवाशक्ति का संगठन बजरंग दल के नाम से जाना जाता हैं।

VHP - Bajrangdal

इस संगठन का कार्य हिन्दू समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना, हिन्दू समाज को संगठित करना, हिन्दू महिलाओं का अपमान रोकना, गोहत्या का विरोध करना आदि हैं।

 

VHP and RSS

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेरणा के कारण ही संघ के द्वितीय सरसंघचालक एम.एस. गोलवरकर एवं एस.एस. आप्टे के अथक परिश्रम से विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) का निर्माण हुआ।

VHP and RSS

आज यह संघ का अनुषांघिक संघटन संघ परिवार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

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Vishva Hindu Parishad Membership Form – How to Join VHP?

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) से जुड़ने के लिए भिन्न-भिन्न स्थानों पर भिन्न-भिन्न प्रकार के आवेदन फाॅर्म हैं। भारत एवं अन्य देशों में विहिप से जुड़ने हेतु अलग-अलग आवेदन प्रपत्र आॅनलाईन व आॅफलाईन विश्व हिन्दू परिषद की वेब साईटों पर उपलब्ध हैं।

देश (भारत में राज्य व भारत के बाहर के देश) व सदस्यता के प्रकार (वार्षिक/आजीवन/अन्य) के आधार पर उनका सदस्यता शुल्क अथवा सहयोग राशि भी अलग-अलग हैं।

विश्व हिन्दू परिषद से जुड़ने के लिए आप स्थानीय कार्यकर्ता अथवा कार्यालय पर सम्पर्क कर सकते है।

Vishwa Hindu Parishad (VHP) Founders & Leaders

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता एम.एस. गोलवलकर एवं एस.एस. आध्यात्मिक गुरु चिन्मययानंद के सहयोग से विहिप की स्थापना की विश्व हिन्दू परिषद के संस्थापक प्रतिनिधिमंडल में निम्न प्रतिनिधि थे:-

स्वामी चिन्मययानंद (Swami Chinmayananda)

Swami Chinmayananda

स्वामी चिन्मयानंद एक आध्यात्मिक नेता व चिन्मय मिशन के संस्थापक थे। ये देश भर में कई हिन्दू सम्मेलनों और ज्ञान-यज्ञों के प्रशंसित नेता थे। ये विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष के पद पर नामित हुए।

के.एम. मुंशी (K.M. Munshi)

भारतीय विद्या भवन के संस्थापक थे। पं. जवाहर लाल नेहरू के केन्द्रीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य रहे। ये अनुभवी स्वतंत्रता सेनानी थे। यू.पी. के पूर्व राज्यपाल व महान लेखक थे। के.एम. मुंशी सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के आर्किटेक्ट भी थे।

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मास्टर तारा सिंह (Master Tara Singh)
सिख समाज में बहुत सम्मानित वृद्ध व्यक्ति थे। आजादी के बाद के समय के बहुत अनुभवी सिख नेता थे।

सी पी रामास्वामी अय्यर (C P Ramaswamy Iyer)
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर थे। त्रावणकोर कोचीन राज्य (केरल में) के दीवान थे। वे एक महान शिक्षाविद् के रूप में जाने जाते थे।

अन्य (Others)

  • गुजराती विद्वान केशवराम शास्त्री।
  • सतगुरु जगजीत सिंह – नामधारी शासक नेता।
  • हनुमान प्रसाद पोद्दार – इन्होंने ‘कल्याण’ का प्रकाशन किया। आदि…

 

Vishwa Hindu Parishad (VHP) Famous Leader Ashok Singhal

Ashok Singhalअशोक सिंघल 15 सितम्बर 1926 को आगरा पैदा हुए। 1942 में संघ के सम्पर्क में आये तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने।

शिक्षा के क्षेत्र में बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलाॅजी (वर्तमान में आई.आई.टी.) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूर्ण कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक प्रचारक बन गये।

वैश्वीक हिन्दू संघटन विश्व हिन्दू परिषद के अन्तराष्ट्रीय अक्ष्यक्ष के पद पर रहते हुए 20 वर्षों तक वि.हि.प. के विकास में योगदान दिया।

स्वास्थ्य में गिरावट के कारण दिसम्बर 2011 में अपना पदभार त्याग दिया जिसके बाद प्रवीण तोगड़िया ने उनका पद सम्हाला।

17 नवम्बर 2015 को 89 वर्ष की उम्र में अशोक सिंघल ने अपनी देह त्याग दी।

 

Vishwa Hindu Parishad (VHP) Working President or Head Chief

Raghava Reddy – International President

वर्तमान में विश्व हिन्दू परिषद के अन्तराष्ट्रीय अध्यक्ष राघव रेड्डी (Gunnam Raghava Reddy) हैं।

G Raghava Reddy -VHP

मूलतः कुरनूल (आंध्र प्रदेश) के राघव रेड्डी पूर्व में विहिप के कोषाध्यक्ष थे। इनका वर्तमान केन्द्र हैदराबाद हैं।

Dr. Pravin Bhai Togadia – International Working President

Dr. Praveen Togadiyaप्रवीण तोगड़िया विश्व हिन्दू परिषद के अन्तराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (महासचिव) हैं।

12 दिसम्बर सन् 1956 में आमरेली, गुजरात में जन्में प्रवीण भाई तोगड़िया सौराष्ट्र के पटेल है तथा पढ़ाई के लिए अहमदाबाद गये।

पेशे से कैंसर सर्जन एवं सामाजिक कार्यकर्ता हैं, विहिप के दायित्व का निर्वहन करते हुए अत्याधिक व्यस्थताओं के बावजूद भी माह में एक सप्ताह कैंसर रोगियों की जाँच के लिए समय निकालते हैं।

 

Vishva Hindu Parishad (VHP) Logo and Images

विश्व हिन्दू परिषद के लोगो (प्रतीक चिन्ह) के चित्र में एक के अन्दर एक दो अण्डाकार घेरे हैं।VHP (Vishwa Hindu Parishad) Logo

जिसमें अन्दर वाले प्रथम घेरे में एक विशाल वट वृश्र (बरगद का पेड़) अंकित हैं।

दूसरे बाहरी घेरे के अन्दर ऊपर की ओर विश्व हिन्दू परिषद लिखा हुआ हैं।

दूसरे घेरे में ही नीचे की ओर धर्मो रक्षति रक्षितः अंकित हैं। जिसका तात्पर्य है कि जो व्यक्ति धर्म की रक्षा करते है उन लोगों की रक्षा घर्म करता हैं।

 

Vishva Hindu Parishad (VHP) Flag, Photos And Wallpaper

VHP Flagसामान्यतः विश्व हिन्दू परिषद के कार्यक्रमों में कार्यकताओं के पास भगवा रंग के घ्वज दिखाई देते हैं। अधिकांश कार्यक्रमों में विहिप कार्यकर्ता अपने हाथों में भगवा रंग की पताकाएं लेकर उत्साह के साथ भाग लेते हैं।

इन भगवा रंग के झण्डों पर अधिकांश पर ऊँ का चिन्ह अंकित होता हैं। विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता इन पताकाओं को हाथ में लेकर फोटो खिचवाते हैं।

विहिप के कई कार्यकर्ता लोग इन कार्यक्रमों के छायाचित्रों को वाॅलपेपर के रूप में अपने सोशल साईट पर लगाकर इनका इस्तेमाल करते हैं।

 

Vishwa Hindu Parishad (VHP) Program and Latest News Video

विश्व हिन्दू परिषद द्वारा अब तक तीन विश्व हिन्दू सम्मेलन (विश्व हिन्दू काॅन्फ्रेस) हो चुके हैं। वि.हि.प.-धर्मसंसद उडुपी (कर्नाटक) में चल रही हैं। जिसकी 24 नवम्बर, 2017 को विश्व हिन्दू परिषद की और से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए अहम निर्णय लिए गये व अन्य आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी गई।

विश्व हिन्दू परिषद के वर्ष भर अनेक कार्यक्रम चलते रहते हैं। जिसकी जानकारी संगठन की वेब साईट द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अथवा न्यूज एण्ड इवेन्ट्स काॅलम में समय-समय पर उपलब्ध कराई जाती हैं।

वर्ष भर होने वाले अनेकों कार्यक्रमों का कवरेज व प्रसारण अनेकों न्यूज (समाचार) चैनलों के द्वारा किया जाता।

जब भी वि.हि.प. का कोई सम्मेलन, बैठक व कार्यक्रम होते है तो इन कार्यक्रमों के विडीयो सोशल मीडिया में छा जाते हैं।

 

VHP News in Hindi

विश्व हिन्दू परिषद के समाचारों का प्रकाशन अनेकों भाषाओं में होता हैं। यदि आपको हिन्दी भाषा में न्यूज पढ़ने व देखने में रूची है तो आप हिन्दी न्यूज चैनलों को देख सकते हैं। हिन्दी समाचार पत्रों जैसे पत्रिका, भास्कर आदी में भी विहिप के समाचार छपते रहते हैं।

कुछ अन्य पत्रिकाएं जैसे पाथेय कण, पाञ्चजन्य आदि में भी विश्व हिन्दू परिषद के समाचार व प्रमुख व्यक्तियों के लेख छपते रहते हैं।

उपरोक्त के अतिरिक्त सोशल मीडिया भी हिन्दी में विहिप की न्यूज प्राप्त करने का अच्छा साधन हैं।

 

Vishwa Hindu Parishad (VHP) mp3 Songs and Speech

विश्व हिन्दू परिषद के गीत मुख्यतः संस्कृत, हिन्दी, तमिल व अन्य भाषाओं में गाये जाते हैं। ये गीत सामान्यतः हिन्दुत्व की भावनाओं से ओतप्रोत होते हैं। इन गीतों को सुनकर हिन्दुओं में स्वाभिमान का भाव जागरण होता हैं।

यह मातृभूमी मेरी…, वन्दे मातरम्…, भारत विशाल…, चिर विजय की कामना हैं…, मातृ मन्दिर के पुजारी…, दसो दिशाओं में जाये…, नव चेतन्य हिलोरे लेता… जैसे अनेक गीत विश्व हिन्दू परिषद के कार्यक्रमों में गाये जाते हैं।

उपरोक्त गीत एवं विहिप के मुख्य कार्यकर्ताओं के कार्यक्रमों में होने वाले भाषणों का सारांश वि.हि.प. की वेब साईट से डाउनलोड़ किये जा सकते हैं।

भविष्य में हमारी वेब साईट पर भी इन गीतों एवं भाषणों को उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।

 

Vishwa Hindu Parishad (VHP) Website and Helpline Number

विश्व हिन्दू परिषद की आॅफिशियल वेब साईट वीएचपी.ओआरजी हैं। इस साईट पर काॅन्टेक्ट अस में नई दिल्ली स्थित कार्यालय का पता तथा फोन नम्बर +9111-26103495 दिये हुये हैं।

4 अप्रेल, 2011 को डाॅ. प्रवीण तोगड़िया ने बाल गंधर्व रंग मन्दिर, पुणे में सप्ताह में 24 घण्टे सातों दिन उपलब्ध रहने वाली हिन्दू हेल्प लाईन नम्बर सेवा काॅल सेन्टर के साथ प्रारम्भ की।

विश्व हिन्दू परिषद के हेल्प लाईन नम्बर 020-66803300 व 07588682181 पर फोन करके सहायता ली जा सकती हैं।

 

Vishwa Hindu Parishad (VHP) Facebook

विश्व हिन्दू परिषद आज सोशल मिडिया पर भी छाया हुआ हैं। आज विश्व हिन्दू परिषद को फेसबुक पर सर्च करने पर अनेको फेसबुक पेज खुलकर सामने आते हैं। ये फेसबुक पेज राज्यों के आधार पर जिलों के आधार पर बना रखे हैं। इनमें से कौनसा पेज विहिप का ओरिजनल पेज है, पता लगाना कठिन हैं।

इन अनेक फेसबुक पेजों व फेसबुक गुप के माध्यम से हिन्दू आपस में जुड़ते हैं। तथा विश्व हिन्दू परिषद के कार्यक्रमों एवं बैठकों के सम्बन्ध में विचार सांझा करते हैं।

फेसबुक पेज व गुप के माध्यम से शिघ्रता से कोई भी सूचना या समाचार विहिप को फोलो करने वाले लागों के पास पहुंच जाती हैं। जिसे लोग अपने-अपने फेसबुक अकाउन्ट से शेयर कर सूचनाओं का विस्तार करते हैं।

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VHP Camp – System

विहिप द्वारा सामाजिक गतिविधियों के अन्तर्गत अनेक प्रकार के केम्प समय-समय पर लगाये जाते हैं जिनमें से कुछ उदाहरण निम्नानुसार हैंः-

  • चिकित्सा जांच शिविरों का संचालन (मेडिकल चेक-अप केम्प) किया जाता हैं।
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण शिविरों का संचालनः कृषि, बागवानी तकनीक, मधुमक्खी पालन, पशुपालन, सिलाई आदि।
  • शिक्षा हेतु शिविर के अन्तर्गत दूरस्थ क्षेत्रों में शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता हैं।
  • सामाजिक कल्याण के अन्तर्गत ग्रामीण विकास, धार्मिक तीर्थस्थलों में सेवाएं, महिला छात्रावास, अनाथों की सहायता, वैवाहिक सम्मेलन आदि किया जाता हैं।
  • विश्व हिन्दू परिषद अपने कार्यकर्ताओं के गुणवत्ता, कौशल एवं हिन्दुत्व के प्रति स्वाभिमान के विकास हेतु अनेक प्रकार के शिविर लगाता हैं। विश्व हिन्दू परिषद अपनी यूथ विंग बजरंग दल एवं दुर्गा वाहिनी हेतु भी केम्प के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता हैं।
  • महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण केम्प लगाता हैं। विश्व हिन्दू परिषद अमेरिका फेमिलि केम्पों का आयोजन करता हैं।

 

Vishwa Hindu Parishad (VHP) Delhi India Head Office

विश्व हिन्दू परिषद का केन्द्रीय कार्यालय दिल्ली, भारत में स्थित हैं। नई दिल्ली में आर.के. पुरम् के सेक्टर नम्बर 6 में संकट मोचन हनुमान मन्दिर आश्रम पर स्थित यह आॅफिस विहिप का हेडक्वाटर कहलाता हैं। पूर्ण पता एवं नम्बर निम्न चित्र में अंकित हैं।

VHP Address

To Know about Vishwa Hindu Parishad (VHP) in Kerala, Mumbai, Pune, Gujarat, Ahmedabad, Hyderabad, Kolkata, Andhra Pradesh, Chennai, Tamilnadu, Bangalore etc. Please contact to below era Office no. with the details of your Kshetra and Prant.

VHP Contect No.

Vishwa Hindu Parishad (VHPA) of America – Canada – USA

विश्व हिन्दू परिषद अमेरिका की स्थापना 1970 में न्यूयाॅर्क में हुई तथा 1974 में इसे न्यूयाॅर्क राज्य में शामिल किया गया।

विश्व हिन्दू परिषद अमेरिका के राष्ट्रीय कार्यालय व अन्य कार्यालयों पर सम्पर्क हेतु पता निम्नानुसार संलग्न हैं।

VHPA America

Vishwa Hindu Parishad In Canada

कनाडा का विश्व हिन्दू परिषद एक निगमित निकाय हैं। विश्व हिन्दू परिषद कनाड़ा का मुख्यालय टोरंटो में स्थित हैं। कनाड़ा में हिन्दू जनसंख्या लगभग दस लाख हैं यहां श्रीलंकाई हिन्दुओं की जनसंख्या भी काफी हैं। 1992 में यहां एक राष्ट्रीय हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया था।

 

Vishwa Hindu Parishad (VHP) UK

विहिप-यू.के. एक पंजीकृत संगठन हैं। विश्व हिन्दू परिषद ने 1972 में यहां कार्य प्रारम्भ किया था। यह संगठन ब्रिटिश सरकार द्वारा हिन्दुओं के एक प्रतिनिधि निकाय के रूप में मान्यता प्राप्त हैं।

Vishwa Hindu Parishad UK
VHP Ilford Branch (UK)

विश्व हिन्दू परिषद की इलफोर्ड शाखा कार्यालय क्लीवलैंड रोड़ मुख्य सड़क के पीछे, इल्फोर्ड लेन पर स्थित हैं।

यहां इल्फोर्ड ट्रेन स्टेशन से अल्बर्ट रोड की ओर 0.4 मील लगभग 10 मिनट की पैदल चल कर भी पहुंचा जा सकता हैं।

विश्व हिन्दू परिषद का इल्फोर्ड मन्दिर यहां का प्रमुख स्थल हैं।

 

VHP In Australia

विश्व हिन्दू परिषद आॅस्ट्रेलिया में स्वामी विज्ञानन्द जी (संयुक्त महासचिव विहिप) ने 10 से 20 अप्रेल 2008 के दौरान प्रवास किया। यहां इन्हें हिन्दू समूहों, संस्थानों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली।

हिन्दू स्वयंसेवक संघ ने स्वामी विज्ञानन्दजी के लिए उनके साथ हिन्दू विचार एवं आॅस्ट्रेलियाई हिन्दू सोसाइटी के विचार सांझा करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया।

आॅस्ट्रेलिया में विहिप से जुड़ने हेतु निम्न पते पर सम्पर्क कर सकते हैं।

Vishwa Hindu Parishad Australia

Hindu Swayamsevak Sangh – HSS Journal Introduction & Activities

What Is HSS? History of Hindu Swayamsevak Sangh

Hindu Swayamsevak Sangh (HSS) is a willful, non-benefit, social and social association. Sangh, as the association is prevalently known, means to sort out the Hindu people group with a specific end goal to safeguard, rehearse and advance Hindu standards and qualities.

Hindu Swayamsevak Sangh (HSS)

HSS is an auxiliary of Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) for supporting and assembling Hindus living outside India. Established in 1940s in Kenya, it is at present dynamic in 34 nations and brags 570 branches.

Hindu Swayamsevak Sangh conducts organized projects of customary athletic and scholastic exercises to create solid character and authority aptitudes in its individuals (known as swayamsevaks for men and sevikas for ladies), stressing qualities, for example, self-restraint, self-assurance and a soul of sacrificial administration (seva) for mankind. We empower keeping up Hindu social character in congruity with the bigger group.

Hindu Swayamsevak Sangh is roused by the possibility that the entire world is one family and behaviors exercises over the World Wide with a specific end goal to spread this message generally.

Two volunteer individuals from the Rashtriya Swayamsevak Sangh (swayamsevaks) that had settled in Kenya in 1940s and began a shakha (branch). Since such shakhas were not on ‘national’ (rashtriya) soil, they were rechristened as the branches of Bharatiya Swayamsevak Sangh, later Hindu Swayamsevak Sangh (HSS). RSS Pracharaks Bhaurao Deoras and others put in quite a long while abroad to build up the association. Amid the Emergency of Indira Gandhi, RSS was restricted in India and, therefore, sent its coordinators to another country to search support and do activism.

Hindu Swayamsevak Sangh (HSS) In Kenya

HSS Kenya was begun in Nairobi on 14 January 1947 by Jagadish Chandra Shashtri with his partners . It was initially known as Bhartiya Swayamsevak Sangh. From that point forward it has spread all through Kenya with Shakhas operational in Mombasa, Nakuru, Kisumu, Eldoret, and Meru. HSS in Kenya likewise runs a socio-social religious association of Hindus by the name of Hindu Religious Service Center (HRSC). It was begun in Nairobi in 1947. It is engaged with numerous social administration exercises and has added to Kenyan culture from numerous points of view. HSS Kenya was one of the cauldrons for the Hindu Council of Kenya, which later on turned into the principle political association for the guard of Hindus in Kenya.

HSS In Australia And Other Nations

The HSS association in Australia, as somewhere else, says that its emphasis is on the nation in which it is based and that it doesn’t send cash to India. It cases to be “ideologically enlivened by the RSS vision of a dynamic and dynamic Hindu society that can manage its inside and outer difficulties, and add to the welfare of the entire world”. Beside giving connects to the Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS), they likewise have joins with associations, for example, the Vishwa Hindu Parishad and the Hindu Youth Network. They exist to bring issues to light in issues identifying with Hindus however bolster no political gathering or competitor.

Hindu Swayamsevak Sangh (HSS) In United States (USA)

Hindu Swayamsevak Sangh in USA is enlivened by the possibility that the entire world is one family and behaviors exercises over the United States with a specific end goal to spread this message generally. Sangh in the United States began in 1989 and today has more than 140 week after week meeting focuses (shakhas) the nation over.

Hindu Swayamsevak Sangh (HSS) In United Kingdom (UK)

Hindu Swayamsevak Sangh in United Kingdom (UK) has not generally been an association that has anticipated its complex accomplishments, liking to work quietly to create people of incredible character. The need of great importance, in any case, is for this work to be perceived and anticipated, to enable the association to expand upon these extraordinary accomplishments and reach ever-more prominent statures.

We were enthused to catch wind of how the main Activity Centers (shakhas) were begun by motivated swayamsevaks (volunteers) basically when they ventured off the plane from East Africa or Bharat (India). They began meeting with awesome energy in their receiving areas, back greenhouses and open parks to get the association off the ground as a meeting of hearts and brains above everything else.

As Hindu Swayamsevak Sangh UK developed, so did its positive connections with the general public, contacting all parts of the UK people group. Visits by numerous dignitaries, as far as possible up to the then serving Prime Minister Margaret Thatcher in 1990, were instrumental in presenting not only the association, but rather positive Hindu esteems to the more extensive society. Extensive scale occasions, for example, the yearly Hindu Marathon, the Virat Hindu Sammelan in 1989 (staying until today the biggest get-together of Hindus outside of Bharat), and the Hindu Sangam in Bradford in 1984 served to give a positive vision of the Hindu society to both those inside the Hindu people group and the more extensive standard society.

As Hindu Swayamsevak Sangh has developed, it has propelled its individuals to frame associations to work in various ranges as per the necessities of the circumstances. These incorporate the advancement of National Hindu Students Forum (sorting out Hindu understudies exercises in University and past), Sewa UK (supporting magnanimous exercises the world over), Sewa Day (empowering volunteering) and Friends of India Society International (attempted to reestablish majority rules system in India amid the time of Emergency govern in India in the late 1970s).

HSS UK has worked through the managing standards of Sanskar (life esteems), Sewa (sacrificial administration) and Sangathan (people group soul) throughout the previous 5 decades and will keep on doing so. It has given the essential stimulus to work towards its vision as expressed in the Sangh Prarthana.

Hindu Swayamsevak Sangh (HSS) In Nepal

The Hindu Swayamsevak Sangh (HSS) was built up in Nepal around 1992 by a gathering of Nepali understudies who were impacted by pioneers of the Hindu patriot RSS while considering in India. The two bodies share a comparative Hindutva belief system. The HSS are hesitant to clear up their wellsprings of money related help other than to state that individuals give what they can. Their essence is especially common in the Terai area and they have controlled projects of training, dispersal of belief system and exercise as somewhere else on the planet.

The HSS of Nepal HSS has been among a few gatherings battling for an inversion of Nepal’s 2006 choice to wind up plainly a common state following quite a while of being ruled by a Hindu illustrious family. They say that the lord had not favored Hindus, that the choice was designed by hostile to Hindu gatherings, included communists and teachers, and that in any occasion it was superfluous on the grounds that there had been no oppression of religious minorities under the past framework. Among their requests has been that lone Hindus ought to be selected to high authority posts.

HSS Activities: World Wide Activities of Hindu Swayamsevak Sangh

Over the whole globe including UK, Europe, USA, Trinidad and Tobago, Kenya and a few different nations HSS sort out day by day, week after week or month to month exercises by their shakhas.

Little Introduction of HSS Shakha

Shakha actually signifies “branch” in Sanskrit and it’s part has made some amazing progress from its introduction to the world in India in 1925 to its firm foundation all through the globe today – Australia, UK, USA, Europe, Middle East, India, and so forth. Individuals from varying backgrounds and assorted foundations go to these week after week ‘Shakhas.’ This structure has never had as vital a part in our general public as today. The inquiry emerges, what are the advantages of Shakha in the cutting edge world; just to specify a couple: –

  • Picking up and creating transferable abilities for expert and individual lives: teach, group working aptitudes, timeliness, open talking, initiative qualities, decisiveness, interpersonal interaction and certainty to manage high influenced and genuine circumstances.
  • A gathering for kids and youth, where difficulties of living in the cutting edge world and keeping up our way of life can be talked about.
  • Making balanced people to end up society pioneers: preparing through scholarly, mental, physical and profound exercises.
  • Having a great time: Playing Indian and different amusements and games.
  • Having a get-together of individuals with comparable social foundation and qualities; in particular, individuals of any age having a ton of fun and meeting up for a typical reason.
  • Creating solidarity regardless of the social, dialect and provincial foundation and showing equity of individuals executing ‘Vasudaiva Kutumbakam.’
  • Taking in the useful and profound advantages of Seva (magnanimous administration): turning into a true Swayamsevak (volunteer).

Being a piece of a worldwide group: connection with individuals from other Western social orders (UK, USA, Europe) and India.

Hindu Nav Varsh

Varsh Pratipada Utsav | Hindu Nav Varsh | Bhartiya Nav Varsh

वर्ष प्रतिपदा उत्सव । हिन्दू नववर्ष । नव संवत्सर
Some useful information :
Hindu nav varsh is also known as Chaitra navratri, Gudi Padwa, Ugadi because of its celebration. Marathi in Maharashtra celebrate as Gudi Padwa. In Madhya Predesh  Ujjain it is celebrate with the name of Ugadi Hindu nav varsh.

Hindu Nav Varsh 2017 Date and Time:

Hindu nav celebration date in 2017 is 28 march 2017, Tuesday.

Gudi padwa celebration date in 2017 is 28 march 2017 Tuesday.

Ugadi Hindu celebration date in 2017 is 28 march 2017 Tuesday.

Hindi date vikram samvat change from 2073 to 2074 at this new year by Hindu religion.

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Hindu Nav Varsh 2017 Date, Gudi padwa 2017 Date, Ugadi 2017 Date

An introduction about Hindu nav Varsh:

संवत्सर शब्द सम् व वत्सर शब्दों से मिलकर बना है। सम् का अर्थ है ब्रह्म व वत्सर ब्रह्मा की कला जिससे काल (समय) बना है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारत में प्रचलित सभी संवतों का प्रारम्भ दिन। अर्थात् भारत नववर्षाभिनन्दन दिवस। हमारी सांस्कृतिक महिमा और राष्ट्रीय गौरव का जागृत रूप अर्थात् नव स्फूर्ति और उल्लास का दिन।
बसन्त में नव संवत्सर का आगमन होता है। यह नव पल्लव प्रस्फुटन की बेला है। प्रफुल्लता व प्रेरणा की ऋतु है। जनवरी ईसाई नववर्ष है। हमारे लिए इसका क्या महत्व हैं?
कल्प से लेकर संवत्, अयन, ऋतु, मास, पक्ष, तिथि, वार, नक्षत्र आदि के सामूहिक उच्चारण का नाम संकल्प है। पर वस्तुतः यह काल गणना कोई जड़ पैमाना नहीं है। व्यावहारिक और पारमार्थिक सत्ता की योजक कड़ी है। भारतीय पंचांग से इसे समझा जा सकता है इस दिन से बहुत से प्रेरक प्रसंग जुड़े हुए हैं जो प्रत्येक हिन्दू को आज भी स्फूर्ति प्रदान करते हैं।

Some Facts about Hindu Nav Varsh

आज के दिन भगवान राम का राज्यारोहण हुआ था। उन्होंने लोक को शोक संताप देने वाले रावण का विनाष कर दैहिक, दैविक, भौतिक तापों से मुक्त कर आदर्ष राम-राज्य की स्थापना की। आज भी इसे उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
शक्तिरूपा माँ दुर्गा की उपासना, नवदुर्गा के नाम से इसी दिन से प्रारम्भ की जाती है। माँ दुर्गा की उपासना हमारी संस्कृति में मातृशक्ति के महत्व को दर्शाता है। दुर्गा माँ समाज के रक्षण-पोषण और संस्कार की प्रतीक है। यह मातृशक्ति है जो देवताओं की संगठित शक्ति के पुँज की प्रतीक है।
यूनान आक्रमण के विपरीत शकों का आक्रमण हमारे देश के काफी भीतरी भागों तक हुआ था। 12 वर्षों तक समाज को संगठित कर विक्रमादित्य ने शकों का समूल नाश कर भगवा फहराया था। समाज ने उन्हें शकारि विक्रमादित्य की उपाधि से विभूषित किया था। हिन्दू जीवन दर्षन की पुनः स्थापना हुई, शकों को पचा लेने की प्रक्रिया प्रारम्भ हुई और विक्रम संवत् की स्थापना हुई।
मुस्लिम अत्याचार से मुक्त कराने के लिए आज ही के दिन वरूणावतार सन्त झूलेलाल का जन्म वि.सं. 1064 को नासरपुर में हुआ। आततायी बादषाह मीरशाह को समाप्त करने के लिए जल सेना का निर्माण किया। नर मछली (वल्लों) के समान तीव्रगामी नौका युक्त जल सेना का निर्माण करने वाले सन्त झूलेलाल को दरियाशाह भी कहते हैं।
पश्चिमी संस्कृति की चकाचौंध में अपने पवित्र वेदों के संदेश और विज्ञान का विस्मरण करने वाले भारतीयों (हिन्दुओं) आर्यों को उनके गौरवशाली अध्यात्म और वेदों के ज्ञान-विज्ञान का परिचय कराने के लिए, ‘कृण्वन्तो विष्वमार्यम्’ का उद्घोष तथा मतान्तरितों के शुद्धि आन्दोलन हेतु महर्षि दयानन्द सरस्वती ने आज ही के दिन आर्य समाज की स्थापना की थी।
वर्ष प्रतिपदा सिख गुरू अंगद देव का जन्म दिन भी है। जिन्होंने गुरूनानक देव जी की शिक्षाओं का राष्ट्ररक्षा के अनुरूप प्रसार किया तथा समाज के दलित एवं पिछड़े लोगों को गले लगाकर समरसता का संदेश दिया। आधुनिक मनु के रूप में भारतीय संविधान का निर्माण करने वाले बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी का जन्म वि.सं. 1948 को वर्ष प्रतिपदा के ही दिन 14.04.1891 को हुआ।
 

Who was knows that first RSS Sarsanghchalak born this day and become a founder of RSS Sang.

राष्ट्र चिन्तक, संगठन मंत्र दृष्टा और प्रवर्तक परम पूज्यनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी का जन्म भी वर्ष प्रतिपदा के पावन दिन ही 1889 को नागपुर में हुआ।
डॉ. हेडगेवार जन्मजात देशभक्त थे। विक्टोरिया के राज्यारोहण की मिठाई कूडे़दान में फेंकी। एडवर्ड सप्तम् के राज्याभिषेक समारोह का बहिष्कार, सीताबार्डी किले से यूनियनजैक उतारने के लिए घर में सुरंग खोदनी चाही, वन्देमातरम् उद्घोषणा पर प्रतिबन्ध के विरोध में नील सिटी हाई स्कूल में अंग्रेज निरीक्षक के सामने ही वन्देमातरम् का उद्घोष कर विरोध प्रकट किया। ये सब घटनाएं ज्वलंत देशभक्ति को प्रकट करती है।
डॉक्टर जी ने देश के इतिहास का अध्ययन किया और समाज की मूल कमजोरी संगठन का अभाव, ऐसा पाया। सम्पूर्ण देश में हिन्दू यह नाम गौरव का प्रतीक बने, हिन्दू ही इस देश का पुत्र है। ऐसा दृढ़ विचार किया।
हिन्दू को संगठित करने और एक राष्ट्रीय भाव सदैव इस भूमिपुत्र के मन में रहे इस जागरण हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का निर्माण किया।
वर्ष प्रतिपदा पर शाखा में होने वाले उत्सव में आद्यसरसंघचालक प्रणाम (आद्यसरसंघचालक=परम पूज्यनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी)
वर्ष प्रतिपदा उत्सव पर संघ की शाखा में शाखा लगाने से पूर्व आद्यसरसंघचालक प्रणाम होता है। आद्यसरसंघचालक प.पू. डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी को प्रणाम किया जाता है। इस प्रणाम में संघ के घोष में बजने वाले वाद्यों आनक, शंख, पणव के साथ आद्यसरसंघचालक रचना जो की झपताल-240 में होती हैं का वादन किया जाता हैं। रचना की लिपि इस प्रकार हैं:-

आनक रचना आद्यसरसंघचालक प्रणाम लिपि :-
Adhya Sarsanghchalak Pranam -Aanak
Adhya Sarsanghchalak Pranam -Aanak
शंख रचना आद्यसरसंघचालक प्रणाम लिपि :-
Adhya Sarsanghchalak Pranam -Shankh
Adhya Sarsanghchalak Pranam -Shankh
वर्ष प्रतिपदा पर शाखा में होने वाले उत्सव में करवाने हेतु अवतरण:-
 
प्रतिज्ञा कर लीजिए कि जब तक तन में प्राण है, संघ को नहीं भूलेंगे। अपने जीवन में ऐसा कहने का कुअवसर न आने दीजिए कि पाँच साल पहले मैं संघ का स्वयंसेवक था। हम लोग जब तक जीवित हैं, संघ के स्वयंसेवक रहेंगे। तन-मन-धन से संघ का कार्य करने के लिए अपने दृढ़ निष्चय को अखण्डित रूप से जागृत रखिये। -प.पू.डॉ. हेडगेवार जी
वर्ष प्रतिपदा पर शाखा में होने वाले उत्सव में करवाने हेतु काव्य गीत:-
 
काव्य गीत-1
 
पूर्ण करेंगे हम सब केशव, वह साधना तुम्हारी।
आत्म हवन से राष्ट्रदेव की, आराधना तुम्हारी।।
निशिदिन तेरी ध्येय चिन्तना, आकुल मन की तीव्र वेदना,
साक्षात्कार ध्येय का हो, यह मन कामना तुम्हारी।।1।।
                                पूर्ण करेंगे…..
कोटि-कोटि हम तेरे अनुचर, ध्येय मार्ग पर हुए अग्रसर,
होगी पूर्ण सशक्त राष्ट्र की, वह कल्पना तुम्हारी।।2।।
                                पूर्ण करेंगे…..
तुझ सी ज्योति हृदय में पावें, कोटि-कोटि तुम से हो जावें,
तभी पूर्ण हो राष्ट्र देव की, वह अर्चना तुम्हारी।।3।।
                                पूर्ण करेंगे…..
काव्य गीत-2
 
संघ-मंत्र के हे! उद्गाता ! अमिट हमारा तुमसे नाता।
कोटि-कोटि नर नित्य मर रहे, जब जग के नश्वर वैभव पर,
तब तुमने हमको सिखलाया, मर कर अमर बने कैसे नर,
जिसे जन्म दे बनी सपूती, शस्य श्यामला भारत माता।।
                        अमिट हमारा तुमसे नाता….
क्षण-क्षण, तिल-तिल, हँस-हँस जलकर, तुमने पैदा की जो
ज्वाला, ग्राम-ग्राम में प्रान्त-प्रान्त में, दमक उठी दीपों की माला,
हम किरणें हैं उसी तेज की, जो उस चिर जीवन से आता।।
                        अमिट हमारा तुमसे नाता….
श्वांस -श्वांस से स्वार्थ-त्याग की, तुमने पैदा की जो आंधी,
वह न हिमालय से रूक सकती, सागर से न जायेगी बाँधी,
हम झोंके उस प्रबल पवन के, प्रलय स्वयं जिससे थर्राता।।
                        अमिट हमारा तुमसे नाता….
कार्य चिरन्तन तब अपना हम, ध्येय मार्ग पर बढ़ते जाते,?
पूर्ण करेंगे दिव्य साधना, संघ-मंत्र मन में दोहराते,
अखिल जगत में फहरायेंगे, हिन्दू-राष्ट्र की विमल पताका।।
                        अमिट हमारा तुमसे नाता….
काव्य गीत-3
 
हमें वीर केशव मिले आप जब से,
नई साधना की डगर मिल गई है।।
भटकते रहे ध्येय-पथ के बिना हम,
न सोचा कभी देश क्या धर्म क्या है?
न जाना कभी पा मनुज-तन जगत में,
हमारे लिए श्रेष्ठतम कर्म क्या है?
दिया ज्ञान जबसे मगर आपने है,
निरंतर प्रगति की डगर मिल गई है।।1।।
                 नई साधना की …….
समाया हुआ घोर तम सर्वदिक था,
सुपथ है किधर कुछ नहीं सूझता था।
सभी सुप्त थे घोर तम में अकेले,
हृदय आपका हे तपी जूझता था।
जलाकर स्वयं को किया मार्ग जगमग,
हमें प्रेरणा की डगर मिल गई है।।2।।
                 नई साधना की …….
बहुत थे दुःखी हिन्दू निज देश में ही,
युगों से सदा घोर अपमान पाया।
द्रवित हो गये आप यह दृष्य देख,
नहीं एक पल को कभी चैन पाया।
हृदय की व्यथा संघ बनकर फूट निकली,
हमें संगठन की डगर मिल गई है ।।3।।
                 नई साधना की …….
करेंगे पुनः हम सुखी मातृ भू को,
यही आपने शब्द मुख से कहे थे।
पुनः हिन्दू का हो सुयष गान जग में,
संजोये यही स्वप्न पथ पर बढ़े थे।
जला दीप ज्योतित किया मातृ मन्दिर,
हमें अर्चना की डगर मिल गई है।।4।।
                 नई साधना की …….