rss sangh holi geet

rss sangh holi geet
थे खेलों लाल गुलाल, होली नित आवे।
थे चलो प्रेम री चाल, होली नित आवे।
कीचड़ माटी थे न उड़ाओं, भेदभाव ने दूर भगाओं।
बणो देश रा लाल, होली नित आवे ।।1।। थे खेलों लाल गुलाल…

प्रेम ज्ञान री भर पिचकारी, होली होली खेलो देश पुजारी।
हो जावैं देश निहाल, होली नित आवे ।।2।। थे खेलों लाल गुलाल….

चन्द्रगुप्त बांको मतवालो, कर्या सिकन्दर को मुंह कालो।
एहड़ी चालो चाल, होली नित आवे ।।3।। थे खेलों लाल गुलाल….

होली खेली लक्ष्मी बाई, गोरा ने बा खड़ग दिखाई।
उठो जवानों आज, होली नित आवे।।4।। थे खेलों लाल गुलाल….

देश पे देणी है कुर्बानी, भगत सिंह का बन अनुगामी।
तरूण, वृद्ध और बाल, होली नित आवे।।5।। थे खेलों लाल गुलाल…

गांव नगर में शाखा लगाओ, सोई हिन्दू शक्ति जगाओं।
अब जननी करे पुकार, होली नित आवे।।6।। थे खेलों लाल गुलाल…

Author: Ganesh Kumar

नमस्कार, मेरा नाम गणेश कुमार हैं। संघ परिवार को निकट से देखने के पश्चात् इसके बारे में लिखने के लिए प्रयास कर रहा हूँ। मेरे लेखन में कुछ त्रुटियां संभव हैं। उन्हें सुधारने हेतु आपके सुझाव बहुत उपयोगी होंगे। संम्पर्क करें - [email protected]