हम करें राष्ट्र आराधन Patriotic Song Mp3, Hd Video With Lyrics

हम करें राष्ट्र आराधन, तन से मन से धन से…

हम करें राष्ट्र आराधन गीत बहुत समय पहले टी.वी चैनल पर प्रसारित होेने वाले धारावाहिक चाणक्य में जन-जागरण एंव युवकों में देश भक्ति का संचार करने के लिए उपयोग में लिया गया था।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में यह गीत विभिन्न अवसरों पर एवं सामान्य शाखा में गाया जाता हैं।

Ham Kare Rashtra Aaradhan Patriotic Song Lyrics Pdf rssworldwide.com
Image: Ham Kare Rashtra Aaradhan Songs Lyrics

संघ में विशेषतः इस गीत को गुरू पूजन के कार्यक्रम में पूजन के समय गाया जाता है इसलिए इस गीत को पूजन गीत भी कहते हैं।

तन, मन, धन और जीवन से राष्ट्र की सेवा करने की प्रेरणा इस पवित्र गीत से मिलती हैं।

श्री गुरू पूजन गीत (Ham Kare Rashtra Aaradhan RSS Song)

हम करें राष्ट्र आराधन, तन से मन से धन से।
तन-मन-धन जीवन से, हम करें राष्ट्र आराधन।।ध्रु।।

अन्तर से, मुख से, कृति से, निश्छल हो निर्मल मति से।
श्रद्धा से मस्तक नति से, हम करें राष्ट्र अभिवादन।।1।।
हम करें राष्ट्र आराधन…

अपने हंसते शैशव से, अपने खिलते यौवन से।
प्रौढ़ता पूर्ण जीवन से, हम करें राष्ट्र का अर्चन।।2।।
हम करें राष्ट्र आराधन…

अपने अतीत को पढ़कर, अपना इतिहास उलट कर।
अपना भवितव्य समझकर, हम करें राष्ट्र का चिन्तन।।3।।
हम करें राष्ट्र आराधन…

है याद हमें युग-युग की, जलती अनेक घटनायें।
जो माँ के सेवा पथ पर, आयी बनकर विपदायें।।

हमने अभिषेक किया था, जननी का अरिशोणित से।
हमने श्रृंगार किया था, माता का अरिमुण्डों से।।

हमने ही उसे दिया था, सांस्कृतिक उच्च सिंहासन।
माँ जिस पर बैठी सुख से, करती थी जग का शासन।।

अब काल चक्र की गति से वह टूट गया सिंहासन।
अपना तन-मन-धन देकर, हम करें पुनः संस्थापन।।4।।
हम करें राष्ट्र आराधन…

Hum Kare Rashtra Aradhan Youtube Video Song Free Download

चाणक्य सीरियल में प्रदर्शित हम करें राष्ट्र आराधन गीत का चलचित्र (वीडियो) प्रस्तुत हैं।

संघ में होने वाले गीत की लय इससे भिन्न है। संघ की लय अनुसार ‘‘हम करें राष्ट्र आराधन’’ गीत का वीडियो लिरिक्स के साथ प्रस्तुत हैं।

विशेष:-

  • यह गीत ज्ञान गंगा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित संघ गीत पुस्तिका के 18वें संस्करण के क्रम संख्या. 18 पृष्ठ क्रमांक. 22 पर अंकित है। गीत की लय के लिए गीत गंगा की वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते है।
  • संघ में होने वाले अनेक देश भक्ति गीत चन्दन है इस देश की माटी तपो भूमि हर ग्राम हैं व अन्य की जानकारी के लिए से RSS World Wide जुडे़ रहिए।

हिन्दु युवकों आज का युगधर्म Geet Lyrics – Hindu Song Mp3 Download

Hindu Yuvko Aaj Ka Yugdharma – Sangh Geet (Kavya Geet Laya)

 

हिन्दु युवकों आज का युगधर्म
हिन्दु युवकों आज का युगधर्म शक्ति उपासना है ।।ध्रु.।।

बस बहुत अब हो चुकी है शांति की चर्चा यहाँ पर,
हो चुकी अति ही अहिंसा-तत्व की अर्चा यहाँ पर,
ये मधुर सिद्धांत रक्षा देश की पर कर ना पाये,
ऐतिहासिक सत्य है, यह सत्य अब पहिचानना है ।।1।। हिन्दु युवकों…

हम चले थे विश्व भर को, शांति का सन्देश देने,
किन्तु जिसको बन्धु समझा, आ गया वह प्राण लेने,
शक्ति की हमने उपेक्षा, की उसी का दण्ड पाया,
यह प्रकृति का ही नियम है अब हमें यह जानना है ।।2।। हिन्दु युवकों…

जग नहीं सुनता कभी दुर्बल जनों का शांति प्रवचन,
सिर झुकाता है उसे जो, कर सके रिपु मान मर्दन,
हृदय में हो प्रेम लेकिन, शक्ति भी कर में प्रबल हो,
यह सफलता मन्त्र है करना इसी की साधना है ।।3।। हिन्दु युवकों…

यह न भूलो इस जगत में सब नहीं है संत मानव,
व्यक्ति भी है राष्ट्र भी है जो प्रकृति के घोर दानव,
दुष्ट-दानव दमनकारी शक्ति का संचय करें हम,
आज पीड़ित मातृ-भूमि की बस यही आराधना है ।।4।। हिन्दु युवकों…

 

 

हिन्दू साम्राज्य दिवस पर इस गीत को काव्य गीत के रूप में उपयोग किया जा सकता है। यह गीत ज्ञान गंगा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित संघ गीत पुस्तिका के 18वें संस्करण के 53 क्रमांक पर पृष्ठ संख्या 62 पर अंकित है। गीत की लय के लिए गीतगंगा की वेब साइट पर भी विजिट कर सकते है।

 

 

rss sangh holi geet

rss sangh holi geet
थे खेलों लाल गुलाल, होली नित आवे।
थे चलो प्रेम री चाल, होली नित आवे।
कीचड़ माटी थे न उड़ाओं, भेदभाव ने दूर भगाओं।
बणो देश रा लाल, होली नित आवे ।।1।। थे खेलों लाल गुलाल…

प्रेम ज्ञान री भर पिचकारी, होली होली खेलो देश पुजारी।
हो जावैं देश निहाल, होली नित आवे ।।2।। थे खेलों लाल गुलाल….

चन्द्रगुप्त बांको मतवालो, कर्या सिकन्दर को मुंह कालो।
एहड़ी चालो चाल, होली नित आवे ।।3।। थे खेलों लाल गुलाल….

होली खेली लक्ष्मी बाई, गोरा ने बा खड़ग दिखाई।
उठो जवानों आज, होली नित आवे।।4।। थे खेलों लाल गुलाल….

देश पे देणी है कुर्बानी, भगत सिंह का बन अनुगामी।
तरूण, वृद्ध और बाल, होली नित आवे।।5।। थे खेलों लाल गुलाल…

गांव नगर में शाखा लगाओ, सोई हिन्दू शक्ति जगाओं।
अब जननी करे पुकार, होली नित आवे।।6।। थे खेलों लाल गुलाल…

holi song ले पीली लाल गुलाल

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ले पीली लाल गुलाल सभी आ जाना। होली का रंग जमाना।
कश्मीर प्रान्त से रामेश्वर तक के, सब बन्धु आ जाओ।
बर्मा से सिंधु घाटी तक, सब एक रंग में रंग जाओ।
सदियों से खोई मस्ती को फिर लाना। होली का रंग जमाना…
गंगा यमुना के फव्वारें, लो प्रेम रंग बरसाते हैं।
विन्ध्याचल सतपुड़ा, पर्वत सुन्दर उपवन दर्शाते हैं।
सरसों के पीले खेतों में रम जाना। होली का रंग जमाना…
राणा की होली की टोली, अकबर की नींव करी पोली।
शिवराज मराठो की गोली, औरंग के सीने में बोली।
दुष्टों का जग से बिल्कुल नाम मिटाना होली का रंग जमाना……….
केशव ने शंखनाद करके, हिन्दुओं का संघ चलाया है।
शाखा में आओ भाई सब, संगठन का पाठ पढ़ाया है।
भारत माता की सेवा में लग जाना। होली का रंग जमाना…